लोगों की राय

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

चूना  : पुं० [सं० चूर्ण, पा० प्रा० चुण्ण; दे० प्रा० चणुओ; उ० बँ० चून, चुना, सि० चुनु, गु० चुनो, मरा० चुना] कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख,सीप आदि को फूँककर बनाया जानेवाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और दाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने, पान-सुरती के साथ खाने और दवाओं आदि में डालने के लिए होता है। मुहावरा–चूना छूना या फेरना=चूने को पानी में घोलकर दीवारों पर उन्हें सफेद करने के लिए लगाना। (किसी को) चूना लगाना=दाँव-पेच, छल-कपट आदि के व्यवहार में किसी को बुरी तरह से परास्त करना। नीचा दिखाना। अ० [सं० च्यवन] १. किसी आधान या पात्र में रखे हुए तरल पदार्थ का किसी छंद या संधि में से होकर बाहर निकलना। जैसे–घड़ा या बाल्टी चूना। २. भीगें हुए वस्त्र आदि में से जल आदि का निकलना या बह चलना। ३. घाव में से रक्त निकल कर टपकना। ४. किसी वस्तु का ऊपरी आधार छोड़कर नीचे आ गिरना। जैसे–पेड़ में से फल चूना। ५. किसी चीज में ऐसा छेद या दराज हो जाना जिससे कोई द्रव्य पदार्थ बूँद-बूँद करके नीचे गिरने लगे। जैसे–छत चूना, लोटा चूना। ६. स्त्री का गर्भ-पात या गर्भ-स्राव होना। वि०[स्त्री० चूनी] जिसमें किसी चीज के चूने योग्य छेद या दराज हो। जैसे–चूना घड़ा, छूनी छत। चूनादानी
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
लौटें            मुख पृष्ठ
 

A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined index: mxx

Filename: partials/footer.php

Line Number: 7

hellothai