लोगों की राय
शब्द का अर्थ खोजें
शब्द का अर्थ
|
झूठा :
|
वि० [हिं० झूठ] [स्त्री० झूठी] १. (कथन) जो सत्य न हो, बल्कि उसके विपरीत हो। वास्तव से अन्यथा या भिन्न। मिथ्या। जैसे–झूठा बयान, झूठी शिकायत। २. (व्यक्ति) जो उक्त प्रकार की बात कहता हो या जिसने उक्त प्रकार की बात कही हो। जैसे–झूठा गवाह। ३. (व्यक्ति) जो वास्तव में विश्वसनीय और सत्यनिष्ठ न हो, पर स्वार्थ साधन के लिए अपने आपको विश्वसनीय और सत्य निष्ठ बतलाता हो या सिद्ध करना चाहता हो जैसे–झूठा मित्र। ४. (स्थिति) जिसमें उक्त प्रकार की विश्वसनीयता और सत्यनिष्ठा का अभाव हो। जैसे–झूठी दोस्ती, झूठी मुहब्बत। ५. (पदार्थ) जो नकली या बनावटी होने पर भी देखने में असल की तरह जान पड़ता हो और असल की जगह काम देने के लिए बनाया गया हो। जो केवल दिखाने और धोखा देने भर की हो। जैसे–झूठा गहना, झूठा ताला, झूठा सिक्का। मुहावरा–(किसी चीज का) झूठा पड़ना=खराब हो जाने या बिगड़ जाने के कारण जो ऊपर से देखने में तो ज्यों का त्यों हो, पर ठीक या पूरा काम न दे सकता हो। जैसे–(क) उसका बायाँ हाथ झूठा पड़ गया है। (ख) इस कल के कई पुरजे झूठे पड़ गये हैं। ६. (तथ्य या पदार्थ) जो अपेक्षया या तुलनात्मक दृष्टि से बहुत घटकर तथ्यहीन या निरर्थक सा हो। जैसे–इसके सामने तुम्हारे (क) सब व्यवहार या (ख) सब कपड़े झूठे हैं। वि० दे० ‘जूठा’।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) |
|
समानार्थी शब्द-
उपलब्ध नहीं |
|
|
|
|
A PHP Error was encountered
Severity: Notice
Message: Undefined index: mxx
Filename: partials/footer.php
Line Number: 7
hellothai