शब्द का अर्थ
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गँवार :
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वि० [हिं० गाँव+आर (प्रत्यय)] [वि० गँवारी,गँवारू, स्त्री० गँवारिन] १.गाँव में रहनेवाला (व्यक्ति)। देहाती। २. उक्त कारण से जो शिष्ट सभ्य तथा सुशिक्षित न हो। असभ्य।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) ३. अनजान। अनाड़ी। जैसे-हम तो इन सब बातों में गँवार ठहरे। |
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समानार्थी शब्द-
उपलब्ध नहीं |
गँवारता :
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स्त्री० =गँवारापन।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) |
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समानार्थी शब्द-
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गँवारपन :
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पुं० [हिं० गँवार+पन (प्रत्यय)] गँवार होने की अवस्था या भाव। देहातीपन। |
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गँवारी :
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वि० [हिं० गँवार] १. गँवारों की तरह का। ग्राम्य। जैसे–गँवारी पहनावा या बोली। २. दे० ‘गँवारू’। स्त्री० १. गँवारपन। देहातीपन। २. गँवारों की सी मूर्खता। ३. गाँव की रहनेवाली या गँवार की स्त्री। |
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समानार्थी शब्द-
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गँवारू :
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वि० [हिं० गँवार+ऊ(प्रत्यय)] १. गाँव अथवा गाँव में रहनेवालों से संबंध रखनेवाला अथवा उनके जैसा। जैसे–गँवारू पहनावा, गँवारू चाल आदि। २. शिष्टता, सभ्यता आदि से रहित। |
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