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अमेरिकी यायावर

योगेश कुमार दानी

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प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :150
मुखपृष्ठ : ईपुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 9435

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उत्तर पूर्वी अमेरिका और कैनेडा की रोमांचक सड़क यात्रा की मनोहर कहानी


अंततोगत्वा, दूसरे दिन एक मेरी एन ने फेशबुक पेज पर लिखा कि, यदि मैं कैनेडा की यात्रा करने में इच्छुक होऊँ, तब वह भी यात्रा में साथ जा सकती है। यह क्या बात हुई? मैं हवाई यात्रा की योजना थोड़े ही बना रहा था और यदि सड़क के मार्ग से जाना है तो फिर व्यक्ति मध्य अटलांटिक से सीधा कैनेडा क्यों जायेगा? एक और भी बात थी! ऐसा मैंने क्यों सोचा होगा, यह तो मैं नहीं जानता, परंतु फेश बुक में संदेश लिखने से पहले मेरे मन में यह विचार तो बिल्कुल भी नहीं आया था, कि कोई अपरिचित लड़की मेरे साथ इस प्रकार की यात्रा की बात सोच सकती है? भारत में नौकरी करते समय तो स्त्री-पुरुष एक साथ काम करते ही हैं, परंतु इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के समय मेरी सभी विभागों की कक्षाओं में सब को मिलाने के बाद भी केवल ग्यारह लड़कियाँ ही पढ़ती थी। यों भी कालेज के समय की मिलनसारिता अब तक मेरा साथ छोड़ चुकी थी। इसी कारण यहाँ पर इतने समय बाद भी मेरे मित्र अधिक संख्या में नहीं थे। जिन्हें मित्र कहा जा सकता था, वे सभी पुरुष ही थे। शायद इसी लिए, मैंने स्वाभाविक तौर पर यह भी सोचा था कि मेरे इस प्रश्न का उत्तर भी कोई लड़का ही देगा, परंतु यह भी सही है कि इंजीनियरिंग के अलावा हमारे इस विश्वविद्यालय में विज्ञान, कला और संगीत आदि के विभिन्न विषय भी पढ़ाए जाते हैं, इसलिए देखा जाये तो जो हुआ वह नितांत सामान्य सी बात ही है।
मेरी एन को कोई उत्तर देने से पहले,  मैंने सोचा कि कुछ देर और इंतजार कर लूँ, संभव है कोई और भी मेरे प्रश्न का उत्तर दे दे! कैनेडा तक जाने का मतलब यह होगा कि खर्चा और अधिक बढ़ेगा, साथ ही भारतीय पासपोर्ट धारी होने के कारण मुझे कैनेडा के लिए वीसा भी अलग से लेना पड़ेगा, जिसका खर्च अलग से होगा।
दो दिन तक बेसब्री से इंतजार करने के बाद, मैंने एक बार पुनः फेश बुक पेज पर प्रश्न पूछकर इस यात्रा में अन्य लोगों की दिलचस्पी जाननी चाही।  दो-तीन घंटों तक कोई उत्तर नहीं आया और मुझे यह मानना ही पड़ा कि अन्य किसी व्यक्ति की दिलचस्पी इस यात्रा में नहीं थी। इस समय तक अधिकांश विद्यार्थी अपने घरों को जा चुके थे। जो ग्रीष्मावकाश के समय में चलने वाली कक्षाओं में भाग लेने वाले थे, वे संभवतः अपनी कक्षाओं में व्यस्त होने से पहले अपने घर होकर वापस आना चाहते थे। मैने फेशबुक के जरिए ही मेरी एन से पूछा कि वह कैनेडा में कहाँ जाना चाहती है? मुझे यह डर था कि कहीं वह पश्चिमी कैनेडा जाने के बारे में न सोच रही हो!
मेरी एन का उत्तर लगभग 2-3 घंटे बाद आया। वह क्यूबैक प्रांत की यात्रा करना चाहती थी, जो कि अमेरिका के उत्तर पूर्वी भाग से भी उत्तर में था। इस हिसाब से हम दोनों की यात्रा की दिशा एक ही थी। मुख्यतः मेरी इच्छा उत्तर पूर्व दिशा की ओर, अर्थात् न्यूयार्क और बॉस्टन की यात्रा करने की थी। मैं इस यात्रा में कम से कम एक और व्यक्ति का साथ चाहता था, ऐसी चाह के पीछे दो कारण थे। एक कारण तो यह था कि यात्रा और रहने का खर्च आधा-आधा बँट जाता। एक और साथी होने से यात्रा का आनन्द और अनुभव भी अच्छा होता। परंतु साथी पुरुष की जगह एक स्त्री के हो जाने से मेरी खर्च बचाने की यह योजना अब खटाई में पड़ने वाली थी। अतः अब इस यात्रा के बारे में ही मुझे पुनः सोचना पड़ गया।

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