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भगवान श्रीकृष्ण की वाणी

स्वामी ब्रह्मस्थानन्द

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :74
मुखपृष्ठ :
पुस्तक क्रमांक : 9555

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भगवान श्रीकृष्ण के वचन

प्रस्तुत पुस्तक में श्रीमद्भगवद्गीता तथा श्रीमद्भागवत ग्रन्थों में भगवान् श्रीकृष्ण के जो अमूल्य उपदेश हैं उनका संकलन है। इन चुने हुए उपदेशों का प्रभाव मानवजीवन पर चिरकाल पड़ेगा तथा उसे उन्नत बनाएगा। आत्मज्ञान या ईश्वरलाभ ही जीवन का अंतिम लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौन से उपाय हैं इसका विवरण पुस्तक में किया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के अमर वचनों से आनन्द, शान्ति तथा बल का लाभ होता है और अन्त में मनुष्य पूर्णत्व को प्राप्त करता है। इस दृष्टि से यह अमृतवाणी सभी के लिए उपयुक्त तथा मार्गदर्शक है।

भगवान श्रीकृष्ण की वाणी

अनुक्रम

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