Saral Prakashan/सरल प्रकाशन
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सरल प्रकाशन की पुस्तकें :

1857 का संग्राम

वि. स. वालिंबे

संक्षिप्त और सरल भाषा में 1857 के संग्राम का वर्णन

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अपने अपने अजनबी

सच्चिदानंद हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय

अज्ञैय की प्रसिद्ध रचना - सर्दियों के समय भारी हिमपात के बाद उत्तरी ध्रूव के पास रूस में अटके दो लोगों की कहानी।

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अवतरण

गुरुदत्त

हिन्दुओं में यह किंवदंति है कि यदि महाभारत की कथा की जायें तो कथा समाप्त होने से पूर्व ही सुनने वालों में लाठी चल जाती है।

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आराधना

सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

जीवन में सत्य, सुंदर को बखानती कविताएँ

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आशा निराशा

गुरुदत्त

जीवन के दो पहलुओं पर आधारित यह रोचक उपन्यास...

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दो भद्र पुरुष

गुरुदत्त

दो भद्र पुरुषों के जीवन पर आधारित उपन्यास...

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धरती और धन

गुरुदत्त

बिना परिश्रम धरती स्वयमेव धन उत्पन्न नहीं करती।  इसी प्रकार बिना धरती (साधन) के परिश्रम मात्र धन उत्पन्न नहीं करता।

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नास्तिक

गुरुदत्त

खुद को आस्तिक समझने वाले कितने नास्तिक हैं यह इस उपन्यास में बड़े ही रोचक ढंग से दर्शाया गया है...

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परम्परा

गुरुदत्त

भगवान श्रीराम के जीवन की कुछ घटनाओं को आधार बनाकर लिखा गया उपन्यास

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पाणिग्रहण

गुरुदत्त

संस्कारों से सनातन धर्मानुयायी और शिक्षा-दीक्षा तथा संगत का प्रभाव

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प्रगतिशील

गुरुदत्त

इस लघु उपन्यास में आचार-संहिता पर प्रगतिशीलता के आघात की ही झलक है।

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प्रारब्ध और पुरुषार्थ

गुरुदत्त

प्रथम उपन्यास ‘‘स्वाधीनता के पथ पर’’ से ही ख्याति की सीढ़ियों पर जो चढ़ने लगे कि फिर रुके नहीं।

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बनवासी

गुरुदत्त

नई शैली और सर्वथा अछूता नया कथानक, रोमांच तथा रोमांस से भरपूर प्रेम-प्रसंग पर आधारित...

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मैं न मानूँ

गुरुदत्त

मैं न मानूँ...

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सुमति

गुरुदत्त

बुद्धि ऐसा यंत्र है जो मनुष्य को उन समस्याओं को सुलझाने के लिए मिला है, जिनमें प्रमाण और अनुभव नहीं होता।   आगे...

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